छुट्टियों के दिनों का सदुपयोग

पहले तो जब भी गर्मी की छुट्टियाँ होती थीं, तो हम सब दादी, नानी के घर निकल जाते थे या फिर परिवारवालों के साथ किसी लंबे ट्रिप पर ही। स्कूल की छुट्टियों का होमवर्क इतना नहीं होता था कि दो महीनों में भी ख़त्म न हो। लेकिन अब जब परिस्थितियों ने करवट बदली है और पूरे साल हम कहीं नहीं जा सके हैं तो हम घर पर रहकर क्या-क्या नया कर सकते हैं या सीख सकते हैं आइये जानते हैं:

पेंटिंग – पेंटिंग करने में क्या नया है ? हर साल आप स्कूल के होमवर्क के लिए इसे करते ही हैं। ब्रश पकड़ने से लेकर चार्ट बनाने और अपनी प्रोजेक्ट्स की कॉपी को सजाने तक हम सभी को यह काम तो करना ही पड़ता है। फिर कौन इतनी मेहनत करे कि रंग उठाये और कुछ भी बनाने लगे। अगर दुकान बंद हुई तब क्या होगा और रंग न मिले तब क्या ? पेंटिंग तो हम सभी करते हैं लेकिन पेपर या चार्ट पर लेकिन क्या आपको मालूम है कि हमारे फ़ोन पर भी पेंटिंग करने के विकल्प मौजूद हैं| वर्तमान समय में जब सब कुछ डिजिटल हो रहा है तो आप प्ले स्टोर एप से ऐसे एप डाउनलोड कर सकते हैं जिनमें आप चित्रकारी कर सकें। इनमें कोलार्ज बनाने से लेकर मधुबनी पेंटिंग तक के विकल्प मौजूद हैं। साथ ही साथ इन दिनों ऑनलाइन पेंटिंग सीखने की बहुत सारी हॉबी क्लासेज भी आपके लिए एक नया विकल्प हो सकती हैं| इनमें पेड क्लास से लेकर फ्री क्लास तक सबकुछ उपलब्ध है| अगर आप अपने समय का सही से सदुपयोग करना चाहते हैं  तो आप ऑनलाइन क्लास या फिर यूट्यूब के माध्यम से इसे सीख सकते हैं। 

डूडल – पेंटिंग की तरह ही डूडल भी एक कला है। आपने कार्टून्स तो देखे ही होंगे न ? अधिकतर कार्टून्स डूडल फैक्ट्री के किरदारों से ही बने हैं। अपनी भावना को प्रकट करने के लिए इन दिनों लोग डूडल आर्ट की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं। इनमें मीम से लेकर शादी के कार्ड्स तक बनाये जा रहे हैं। डूडल सीखने की ख़ास बात यह भी है कि आप इसे करियर के विकल्प के रूप में भी अपना सकते हैं। इसके लिए आप इंस्टाग्राम से लेकर फ़ेसबुक पर ऑनलाइन क्लास ले सकते हैं।

बागवानी – स्कूल की क़िताबों से लेकर कॉलेज की तेज़ रफ़्तार ज़िन्दगी तक में बहुत कम जगहें हैं जहाँ हम अपने आसपास के पेड़ों के नाम जान पाते हैं। रास्ते पर से गुज़रते हुए कितने सारे पौधों के न तो हम नाम जानते हैं और न ही उनके औषधीय गुण ही। अगर आपको पेड़-पौधे पसन्द हैं और आप उन्हें घर में लगाने के बारे में सोच रहे हों तो पहले यह जानना ज़रूरी है कि कौन-सा पौधा किस काम आता है साथ ही किस मौसम में उगाना चाहिए। कुछ पौधे एक विशेष मौसम में ही उगाए जाते हैं। अगर आपके घर में कोई बड़ा है तो आप उनसे  इसके बारे में पूछ सकते हो। अगर नहीं तो यूटयूब से लेकर ऑनलाइन क्लास तक में आपको बागवानी सीखने के लिए कुछ सेमिनार या क्लास मिल जाएंगी। जिनमें न सिर्फ़ आपके दोस्त बनेंगे बल्कि सीखने और प्रकृति को  समझने का मौका भी आपके पास होगा।

योग क्लास – योग न सिर्फ़ मन को स्वस्थ रखता है बल्कि तन को भी बेहतर बनाता है। जब बाहर गम्भीर बीमारियां फैली हुई हैं तो ऐसे में न सिर्फ़ हमें योग करना चाहिए बल्कि  अपने घर के बड़ों को भी इस ओर प्रेरित करवाना चाहिए कि वे भी हमारे साथ कुछ समय या तो  ध्यान लगाएं या फिर कोई आसन करें। लेकिन बिना ठीक से सीखे आप ध्यान तो कर सकते हैं लेकिन आसन नहीं। आसन सीखने के लिए आप ऑनलाइन क्लास ले सकते हैं। इनमें फ्री क्लास सेमिनार से लेकर पेड क्लास तक आपको ऑनलाइन मिल जाएंगी| अगर आप यूट्यूब पर देखना चाहते हैं तो वहाँ भी बहुत से चैनल इस बाबत मौजूद हैं|

कोई नई भाषा सीखना – स्कूल में आप दो या तीन भाषाएँ तो सीखते ही हैं लेकिन आपके पास इससे इतर भी कई नई भाषाएँ सीखने के विकल्प मौजूद हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि हम जितनी अधिक भाषाएँ सीखते हैं उतना तेज़ हमारा दिमाग़ भी होता है। कोई भी भाषा न सिर्फ़ हमें एक समुदाय से जोड़ती है बल्कि हमारे करियर में भी हमें विशेष मदद करती है। अगर आप कोई नई भाषा नहीं सीख पा रहे हैं  तो आप अपनी बोली ही अपने बड़ों से सीख सकते हैं। इससे न सिर्फ़ आप अपनी भूमि से जुड़ पायेंगे बल्कि भावी जीवन में भी यह आपको आगे बढ़ने में मदद करेगी। किसी भी क्षेत्र में एक से अधिक भाषा जानने वालों की माँग इन दिनों तेज़ी से बढ़ी है।

डांस क्लास – डांस करना किसे नहीं पसन्द। घर में कोई समारोह हो या त्यौहार हम भारतीय नाचने में सबसे आगे हैं। तो अगर आपको थोड़ा बहुत भी नाचने का शौक है तो इन छुट्टियों में उस शौक को कला में ढालना एक बेहतर विकल्प है। इसमें हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड और कथक, कुच्चीपुड़ी सब शामिल किया जा सकता है। अपना ख़ाली समय यूँ ही न गवांए बल्कि यूट्यूब या ऑनलाइन क्लास से एक नई कला के क्षेत्र में कदम रख लें। क्या पता जब तक तुम स्कूल या कॉलेज जाओ तब तक एक अच्छे नर्तक बन जाओ और तुम्हारे दोस्त भी तुम्हारी तारीफ़ों के पुल बाँध दें।

संगीत सीखना — संगीत सीखने के लिए यह कतई ज़रूरी नहीं है कि आपके पास कोई विशेष वाद्ययंत्र हो। इसलिए आप सरगम से शुरुआत कर सकते हैं। बाक़ी चीज़ें धीरे-धीरे इसमें जोड़ी जा सकती हैं। मसलन सितार सीखने से लेकर आज के समय में युकेलेले में आप नई धुनें सीख सकते हैं। इसके लिए फेसबुक और यूटयूब से लेकर इंटरनेट पर पेड क्लास तक उपलब्ध हैं।

कहानियां और कविताएँ लिखना – अगर आपने स्कूल में कभी कोई बहाना बनाया है या कोई कहानी ही बनाई है जैसे मेरे पेट में दर्द था इसलिए मैंने टेस्ट नहीं दिया या फिर अपने किसी दोस्त की बात दूसरे दोस्त से करने में आपको मज़ा आता है तो लिखना आपके लिए कोई मुश्किल काम नहीं है। यह एक गुण है जिसे बतकही कहा जाता है। किसी बात को आप कैसे समझते या जीते हैं यही कहानियों और कविताओं का हिस्सा है। पहली कहानी की शुरुआत तो आप यहीं हमारी साइट से कर सकते हैं अपना अकाउंट बनाइये और झटपट लिखना शुरू कर दीजिए लेकिन तब भी आपको लगे कि सीखना है तो इन दिनों बहुत सी ऑनलाइन क्लास मौजूद हैं। फ़िल्म इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से लेकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक बच्चों के लिए नई तरह की ऑनलाइन क्लास लाये हैं। आप चाहें तो ऑनलाइन या यूट्यूब पर भी चीज़ें सीख सकते हैं।

पूर्णिमा वत्स