आत्मसम्मान

आत्मसम्मान

"मुझे नहीं पता कि आखिर कब तक मैं तुम्हारे लिए केवल देह रहूंगी। तुम हर बार जुए में हार कर आते हो और मेरे शरीर पर अपनी हार का गुस्सा निकाल देते हो। जितना अधिक तुम्हें हार की पीड़ा होती है, उससे ज्यादा तुम प्यार के नाम पर मेरे बदन को नोंच देते हो।"

मानव की सीख

मानव की सीख

बाहर से खेलकर जब सात साल का मानव वापस आया, तब वह बहुत उदास था। हालांकि जब भी मानव खेलकर आता है, वह बहुत खुश रहता है। मानव के वापस आते ही मां ने कहा, “बेटा, हाथ मुंह अच्छे से धोकर नाश्ता करने बैठो। मैं अभी लेकर आती हूं।” इस पर मानव ने कहा, “ठीक […]

नानी माँ का स्वेटर

नानी माँ का स्वेटर

बात उस वक्त की है, जब मैं 10-12 वर्ष की थी और नानी-मां को स्वेटर बुनता देख अचंभित होती थी। ये कैसे करती हैं, नानी-मां। ऊन के गोलों से और सलाइयों की टक-टक से कैसे इतना बड़ा स्वेटर तैयार कर लेती हैं? कोई जादू है क्या? जिज्ञासावश, मैं भी अपनी कोशिश करती, तो सब उलट-पलट […]

जादू परी

जादू परी

जादू की एक अलग दुनिया है | उसके अपने नियम है बिट्टी का नया - नया दाख़िला अभी इस दुनिया में हुआ है आइए जानते हैं क्या बिट्टी जादू सीख पाएगी या नहीं और उसने जादू सीखा तो वह क्या कर सकती है ?

पंख वाली दुनिया

पंख वाली दुनिया

शहर के ठीक बीच से एक दुनिया जाती थी ।यह बात किसी को मालूम नहीं थी। शहर में लोगों के पास फिर समय भी कहाँ होता है कि जान सकें ,यहाँ दुनिया है ,यहां रास्ता। भागदौड़ भरी सड़कों से सब घर ही पहुँचते हैं।

सीढ़ियों के पार

सीढ़ियों के पार

दलिया को सब जितना मूर्ख समझते हैं उतना वह है नहीं | नई तरह की खोज करना ,नई दुनिया की चाह उसमें हमेशा ही रही है | एक रोज़ वह एक नई दुनिया में पहुँच गया | उस नई दुनिया में उसके साथ क्या हुआ होगा ? आइये आज की कहानी में जानते हैं |

मखमली घास वाले दिन

मखमली घास वाले दिन

अक्टूबर ने अभी अंगड़ाई ही ली थी| इन दिनों सूर्य अपनी रौशनी बिखेरता और जल्दी लौट जाता | वे नई उम्र के अल्हड़ लड़के-लड़कियाँ कॉलेज लॉन में यूँ ही पड़े रहते जैसे बारिश के बाद ओस घास पर पड़ी चमकती थी | “याद है न तुमको अगली क्लास है अभी कुछ देर में ही, यहीं बैठना है कि चलोगे भी?” […]

सिंगल मदर

सिंगल मदर

“मैं माँ बनना चाहती हूँ । यह मेरी इच्छा है कि मैं भी बच्चे के द्वारा माँ कहकर पुकारी जाऊं। उसे प्यार करूं।” “तुम माँ कैसे बन सकती हो। अभी तो तुम्हारी शादी भी नहीं हुई है,” रागिनी के माँ बनने की लगातार ज़िद पर माँ ने उसे समझाया। “मां, माँ बनने के लिए मैं […]