मोमबत्तियाँ

मोमबत्तियाँ

मोमबत्तियों से एक पूरी अलमारी अटी पड़ी थी। विनय ने आकर अलमारी खोली तो सब की सब मोमबत्तियाँ बाहर आ गिरीं। “इस बार क्या सिर्फ़ मोमबत्तियाँ ही लगेंगी?” सविता ने पूछा तो विनय ने कुछ तैश में आकर कहा,  “इस बार तो सब की सब ख़त्म कर दूँगा जलाकर, आख़िर अलमारी भी तो खाली करनी […]

बचत वाली दीवाली

बचत वाली दीवाली

अपनी कामवाली बाई से मालती ने टोकते हुए पूछा, “चिंटू की मां, इस बार दीवाली में क्या लेने का इरादा है?” मैंने महीने के पैसों के साथ दीवाली के खर्च का पैसा भी दे दिया है इसलिए दीवाली खुशी खुशी मानना।” इस पर कामवाली ने कहा, “मेमसाब, आपने मेरे बारे में इतना सोचा। इसके लिए […]